शिल्पकार. Blogger द्वारा संचालित.

चेतावनी

इस ब्लॉग के सारे लेखों पर अधिकार सुरक्षित हैं इस ब्लॉग की सामग्री की किसी भी अन्य ब्लॉग, समाचार पत्र, वेबसाईट पर प्रकाशित एवं प्रचारित करते वक्त लेखक का नाम एवं लिंक देना जरुरी हैं.
स्वागत है आपका

गुगल बाबा

इंडी ब्लागर

 

लडेगा कौन इनसे सर पर कफ़न बांध कर


लडेगा कौन इनसे सर पर  कफ़न बांध कर
आते हैं ये चोर भी घर से   कफन बांध कर


कल रात खिड़की से घर  में सारे  घुस गये
ले  गये  सब  कुछ  मेरे  हाथ  पैर बांध कर

मैं जोर से रात में चोर चोर चिल्लाता  रहा
कोई पडोसी न जगे सोये रहे मुंह बांध कर 


थाने गया रपट लिखने वहां बड़ा  हंगामा था
सुना कोई चोर भागा है  सिपाही को मारकर


सायरन बजाते पुलिस की गाड़ी  निकल गयी
एक बोला मरने आते हैं साले कफन बांध कर


आपका
शिल्पकार


(फोटो गूगल से साभार) 

Comments :

8 टिप्पणियाँ to “लडेगा कौन इनसे सर पर कफ़न बांध कर”
गिरिजेश राव ने कहा…
on 

... मरने आते हैं साले कफन बांध कर

जाने क्या क्या कह गई ये लाइनें! नया ढंग और नई बात, रोजमर्रा से निकली। ...सड़कों पर बिखरे आवारा कंकड़ों सी घटनाओं को जोड़ कर कविता रच दी। एक शिल्पकार ही ऐसा कर सकता है!

Rakesh Singh - राकेश सिंह ने कहा…
on 

इन्हें चोर कहना तो चोर की तौहीन है ... ये तो उससे भी कई गुना ज्यादा गए गुजरे लोग हैं |

Anil Pusadkar ने कहा…
on 

राकेश क्या कह रहें है,ललित भाई गौर फ़रमाईयेगा।

M VERMA ने कहा…
on 

समाज, व्यवस्था और अनुभूति के स्तर को खोल के रख दिया आपकी इस रचना ने कफन बाँधकर --

Amit K Sagar ने कहा…
on 

आपने कई महत्वपूर्ण बातों को बहुत ही खूबसूरती से लिखा है. बहुत बहुत सार्थक.
---

अंतिम पढ़ाव पर- हिंदी ब्लोग्स में पहली बार Friends With Benefits - रिश्तों की एक नई तान (FWB) [बहस] [उल्टा तीर]

Arvind Mishra ने कहा…
on 

अद्भुत !

SP Dubey ने कहा…
on 

बहुत बढिया

SP Dubey ने कहा…
on 

बहुत बढिया

 

लोकप्रिय पोस्ट

पोस्ट गणना

FeedBurner FeedCount

यहाँ भी हैं

ईंडी ब्लागर

लेबल

शिल्पकार (94) कविता (65) ललित शर्मा (56) गीत (8) होली (7) -ललित शर्मा (5) अभनपुर (5) ग़ज़ल (4) माँ (4) रामेश्वर शर्मा (4) गजल (3) गर्भपात (2) जंवारा (2) जसगीत (2) ठाकुर जगमोहन सिंह (2) पवन दीवान (2) मुखौटा (2) विश्वकर्मा (2) सुबह (2) हंसा (2) अपने (1) अभी (1) अम्बर का आशीष (1) अरुण राय (1) आँचल (1) आत्मा (1) इंतजार (1) इतिहास (1) इलाज (1) ओ महाकाल (1) कठपुतली (1) कातिल (1) कार्ड (1) काला (1) किसान (1) कुंडलियाँ (1) कुत्ता (1) कफ़न (1) खुश (1) खून (1) गिरीश पंकज (1) गुलाब (1) चंदा (1) चाँद (1) चिडिया (1) चित्र (1) चिमनियों (1) चौराहे (1) छत्तीसगढ़ (1) छाले (1) जंगल (1) जगत (1) जन्मदिन (1) डोली (1) ताऊ शेखावाटी (1) दरबानी (1) दर्द (1) दीपक (1) धरती. (1) नरक चौदस (1) नरेश (1) नागिन (1) निर्माता (1) पतझड़ (1) परदेशी (1) पराकाष्ठा (1) पानी (1) पैगाम (1) प्रणय (1) प्रहरी (1) प्रियतम (1) फाग (1) बटेऊ (1) बाबुल (1) भजन (1) भाषण (1) भूखे (1) भेडिया (1) मन (1) महल (1) महाविनाश (1) माणिक (1) मातृशक्ति (1) माया (1) मीत (1) मुक्तक (1) मृत्यु (1) योगेन्द्र मौदगिल (1) रविकुमार (1) राजस्थानी (1) रातरानी (1) रिंद (1) रोटियां (1) लूट (1) लोकशाही (1) वाणी (1) शहरी (1) शहरीपन (1) शिल्पकार 100 पोस्ट (1) सजना (1) सजनी (1) सज्जनाष्टक (1) सपना (1) सफेदपोश (1) सरगम (1) सागर (1) साजन (1) सावन (1) सोरठा (1) स्वराज करुण (1) स्वाति (1) हरियाली (1) हल (1) हवेली (1) हुक्का (1)