शिल्पकार. Blogger द्वारा संचालित.

चेतावनी

इस ब्लॉग के सारे लेखों पर अधिकार सुरक्षित हैं इस ब्लॉग की सामग्री की किसी भी अन्य ब्लॉग, समाचार पत्र, वेबसाईट पर प्रकाशित एवं प्रचारित करते वक्त लेखक का नाम एवं लिंक देना जरुरी हैं.
स्वागत है आपका

गुगल बाबा

इंडी ब्लागर

 

लाँघ पाऊँ बाधाओं को!!

मरीचिका
मृगतृष्णा
अतृप्त चक्षु
अतृप्त आत्मा
मन चातक
व्याकुल अनवरत
जीवन दुर्भर
कांक्रीट की दीवारें
टूटती नहीं
बाधाएं लाँघ नहीं पाया
अग्नि ज्वालायें 
धधकती सीने में
पुन: उर्जा
निर्मित करने
पुन: कोशिश करूँ
लाँघ पाऊँ बाधाओं को
तृप्ति तभी संभव है.


आपका
शिल्पकार

Comments :

13 टिप्पणियाँ to “लाँघ पाऊँ बाधाओं को!!”
Udan Tashtari ने कहा…
on 

बहुत उम्दा!

मनोज कुमार ने कहा…
on 

आस्था और आशावादिता से भरपूर स्वर इस कविता में मुखरित हुए हैं।

RaniVishal ने कहा…
on 

आशावादी साहस को प्रोत्साहन देने वाले भाव युक्त आपकी कविता बहुत अच्छी है !!
उत्कृष्ट शब्द चयन प्रशंसनीय है ......बधाई स्वीकारे !!
http://kavyamanjusha.blogspot.com/

जी.के. अवधिया ने कहा…
on 

"लाँघ पाऊँ बाधाओं को ..."

प्रत्येक व्यक्ति का यही लक्ष्य होना चाहिये।

सुन्दर अभिव्यक्ति!

निर्मला कपिला ने कहा…
on 

आश और आस्था की सुन्दर अभिव्यक्ति शुभकामनायें

पी.सी.गोदियाल ने कहा…
on 

पुन: उर्जा
निर्मित करने
पुन: कोशिश करूँ
लाँघ पाऊँ बाधाओं को
तृप्ति तभी संभव है.

गुरजी, बहुत खूब !

महफूज़ अली ने कहा…
on 

मैं क्या कहूँ अब ............... आपने निःशब्द कर दिया है.... बहुत ही सुंदर कविता....

राज भाटिय़ा ने कहा…
on 

पुन: कोशिश करूँ
लाँघ पाऊँ बाधाओं को
तृप्ति तभी संभव है.
साहस से भरी है आप की यह रचना, बहुत सुंदर

ताऊ रामपुरिया ने कहा…
on 

बेहतरीन रचना.

रामराम.

वन्दना ने कहा…
on 

waah........behtreen rachna.

श्याम कोरी 'उदय' ने कहा…
on 

पुन: कोशिश करूँ
लाँघ पाऊँ बाधाओं को
तृप्ति तभी संभव है.
.... प्रभावशाली अभिव्यक्ति !!!!

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…
on 

सुन्दर अभिव्यक्ति!

रवि कुमार, रावतभाटा ने कहा…
on 

पुनः कोशिश कीजिए...
तृप्ति के लिए...

 

लोकप्रिय पोस्ट

पोस्ट गणना

FeedBurner FeedCount

यहाँ भी हैं

ईंडी ब्लागर

लेबल

शिल्पकार (94) कविता (65) ललित शर्मा (56) गीत (8) होली (7) -ललित शर्मा (5) अभनपुर (5) ग़ज़ल (4) माँ (4) रामेश्वर शर्मा (4) गजल (3) गर्भपात (2) जंवारा (2) जसगीत (2) ठाकुर जगमोहन सिंह (2) पवन दीवान (2) मुखौटा (2) विश्वकर्मा (2) सुबह (2) हंसा (2) अपने (1) अभी (1) अम्बर का आशीष (1) अरुण राय (1) आँचल (1) आत्मा (1) इंतजार (1) इतिहास (1) इलाज (1) ओ महाकाल (1) कठपुतली (1) कातिल (1) कार्ड (1) काला (1) किसान (1) कुंडलियाँ (1) कुत्ता (1) कफ़न (1) खुश (1) खून (1) गिरीश पंकज (1) गुलाब (1) चंदा (1) चाँद (1) चिडिया (1) चित्र (1) चिमनियों (1) चौराहे (1) छत्तीसगढ़ (1) छाले (1) जंगल (1) जगत (1) जन्मदिन (1) डोली (1) ताऊ शेखावाटी (1) दरबानी (1) दर्द (1) दीपक (1) धरती. (1) नरक चौदस (1) नरेश (1) नागिन (1) निर्माता (1) पतझड़ (1) परदेशी (1) पराकाष्ठा (1) पानी (1) पैगाम (1) प्रणय (1) प्रहरी (1) प्रियतम (1) फाग (1) बटेऊ (1) बाबुल (1) भजन (1) भाषण (1) भूखे (1) भेडिया (1) मन (1) महल (1) महाविनाश (1) माणिक (1) मातृशक्ति (1) माया (1) मीत (1) मुक्तक (1) मृत्यु (1) योगेन्द्र मौदगिल (1) रविकुमार (1) राजस्थानी (1) रातरानी (1) रिंद (1) रोटियां (1) लूट (1) लोकशाही (1) वाणी (1) शहरी (1) शहरीपन (1) शिल्पकार 100 पोस्ट (1) सजना (1) सजनी (1) सज्जनाष्टक (1) सपना (1) सफेदपोश (1) सरगम (1) सागर (1) साजन (1) सावन (1) सोरठा (1) स्वराज करुण (1) स्वाति (1) हरियाली (1) हल (1) हवेली (1) हुक्का (1)