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इंडी ब्लागर

 

हर तरफ भेड़ियों का राज हो गया है!!!

आज एक गजलनुमा रिठेल कर रहा हूँ. कृपया आपका आशीर्वाद चाहूँगा 


हर तरफ भेड़ियों का राज हो गया है
मासूम आदमी ही शिकार हो गया है



 ढूंढ़ते   हैं कोई   तो बचायेगा उन्हें 
रहनुमा थे उनका पता खो गया है



कब्र  से  लाशें  गायब  होती रही 
तुम्हारा जमीर कहाँ  सो  गया है



रहते थे कभी चैन से अमन से लोग
खुनी फसलें कौन राह में बो गया है



कातिल की तलाश में आए सिपाही
 कौन सड़क से खुनी धब्बे धो गया है।

आपका
शिल्पकार

(फोटो गूगल से साभार)

Comments :

13 टिप्पणियाँ to “हर तरफ भेड़ियों का राज हो गया है!!!”
डॉ. मनोज मिश्र ने कहा…
on 

हर तरफ भेड़ियों का राज हो गया है
मासूम आदमी ही शिकार हो गया है
vaah-vaah.

dhiru singh {धीरू सिंह} ने कहा…
on 

लाजबाब गज़ल

मनोज कुमार ने कहा…
on 

कब्र से लाशें गायब होती रही
तुम्हारा जमीर कहाँ सो गया है
मेरे पास शब्द नहीं हैं इस अभिव्यक्ति का आभार प्रकट करने के लिए। लाजवीब।

संगीता पुरी ने कहा…
on 

बहुत सटीक लिखा है !!

Kusum Thakur ने कहा…
on 

"हर तरफ भेड़ियों का राज हो गया है
मासूम आदमी ही शिकार हो गया है"

बिलकुल सही कहा है ....!

Udan Tashtari ने कहा…
on 

रहते थे कभी चैन से अमन से लोग
खुनी फसलें कौन राह में बो गया है

-बहुत खूब ललित भाई...

राज भाटिय़ा ने कहा…
on 

हर तरफ भेड़ियों का राज हो गया है
मासूम आदमी ही शिकार हो गया है
वाह ललित भाई जबाब नही बहुत सुंदर रचना

संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari ने कहा…
on 

टेवना पथरा धरे हस गा भाई तै ह. छका छक कटई चलत हे.


विद्रुपो पर प्रहार करती सुन्दर कविता के लिये धन्यवाद.

पी.सी.गोदियाल ने कहा…
on 

रहते थे कभी चैन से अमन से लोग

खुनी फसलें कौन राह में बो गया है

ललित जी एक बेहतरीन रचना !

Anil Pusadkar ने कहा…
on 

बहुत बढिया ललित बाबू।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…
on 

बहुत लाजवाब ललित जी.

रामराम.

ताऊ रामपुरिया ने कहा…
on 

ये ब्लाग के दाहिने कोने पर उपर क्या जनरल याह्या खान की तस्वीर लगा रखी है?:)

रामराम.

Murari Pareek ने कहा…
on 

वाह ललितजी शानदार काचा काट दिया !!!

 

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