शनिवार, 7 अगस्त 2010

साहित्य की थारी

कवि रामेश्वर शर्मा जी का एक गीत

साहित्य की थारी

पुस्तक के पृष्ठों में सजी कविता की फ़ुलवारी है
प्यारे शब्द फ़ूलों जैसे पंक्ति क्यारी-क्यारी है।

गीत-गीतिका, कवित्त, सवैया,मुक्तक,छंद कविता
दोहा,सोरठा,चौपाई,कुंडलियाँ,  काव्य सरिता
अतुकांत छणिकाओं की ये साध्य रचना प्यारी है।

पुस्तक के पृष्ठों में सजी कविता की फ़ुलवारी है
प्यारे शब्द फ़ूलों जैसे पंक्ति क्यारी-क्यारी है।

व्यथा,क्रांति,उल्लास,संवेदन,अनुसरज व अनुकरण
परिवर्तन,इतिहास,विकास,लिंग,वचन और व्याकरण
बंधी साधना की डोरी, भाषा भावना न्यारी है।

पुस्तक के पृष्ठों में सजी कविता की फ़ुलवारी है
प्यारे शब्द फ़ूलों जैसे पंक्ति क्यारी-क्यारी है।

श्लेष,यमक,पुनरुक्ति प्रकाश शब्द,अर्थ, उभयालंकार
छेका,लाटा,वृत्यानुप्राश,प्रतिकात्मक उपमालंकार
अतिश्योक्ति से अलंकृत करना लेख कविता जारी है।

पुस्तक के पृष्ठों में सजी कविता की फ़ुलवारी है
प्यारे शब्द फ़ूलों जैसे पंक्ति क्यारी-क्यारी है।

हास्य,वीर,अद्भुत,भय,क्रोध,शांत,विभत्स, करुण में
और मिलता श्रंगार बाल्यपन,वाचक व्यंजक लक्षण में
मुख्य पृष्ठ अंतिम तक पुस्तक साहित्य की थारी है।

पुस्तक के पृष्ठों में सजी कविता की फ़ुलवारी है
प्यारे शब्द फ़ूलों जैसे पंक्ति क्यारी-क्यारी है।

10 टिप्पणियाँ:

संजय भास्कर ने कहा…

सार्थक और बेहद खूबसूरत,प्रभावी,उम्दा रचना है..शुभकामनाएं।

संजय भास्कर ने कहा…

kavi rameshwar ji ko naman

मनोज कुमार ने कहा…

बिल्‍कुल अपठनीय और गद्यमय होते जा रहे काव्‍य परिदृश्‍य पर कवि रामेश्वर शर्मा जी की यह कविता इसलिए भी महत्‍वपूर्ण है कि वे कविता की मूलभूत विशेषताओं को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने लयात्मकता बरकरार रखी है। इस कविता में उपस्थित लयात्‍मकता इसे दीर्घ जीवन प्रदान करती है।

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

काव्य को विश्लेषित करती सुन्दर रचना

राज भाटिय़ा ने कहा…

अति सुंदर रचना धन्यवाद

वन्दना ने कहा…

गज़ब कर दिया बिल्कुल अलग अन्दाज़्।

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बहुत सुंदर रचना.

रामराम

रवि कुमार, रावतभाटा ने कहा…

बेहतर...

sanu shukla ने कहा…

बहुत सुंदर रचना.

S.M.HABIB ने कहा…

सुन्दर कविता के लिए रामेश्वर शर्मा जी को नमन.