बुधवार, 24 मार्च 2010

अवधपुरी मा चल जाबो रे----रामनवमी विशेष---------ललित शर्मा

अयोध्या नगरी मे भगवान रामचंद्र जी ने जन्म लिया-छत्तीसगढ प्रदेश (दक्षिन कोसल) उनका ननिहाल है। यहां पर भगवान का जन्मदिवस धुम धाम से मनाया जाता है, लोक गीतों में भगवान की स्तुति की जाती है। प्रस्तुत है परम्परागत लोक गीत-----


चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो
जनम लिए जिंहा राम रमैइया,
सुग्घर दर्शन पाबो,चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो

दुख के हरइया सुख के देवइया, सुनो सब नर नारी।
बड भागमानी जान जनइया, कौश्ल्या महतारी।
देवता मन हे फ़ुल गिरइया,अगास ले देख गिराबो रे

दाई माई मन हे अवइया, थारी मा कलसा धर के
गीत गो्विंद गाथे बधइया, राम के पांव ला पर के
कर आरती निछावर करही, सोहर छोहर गाबो रे
चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो

रंग जाबो जी आज रंगइया, राम के रंग मा रंगाबो
झुमर-झुमर के ना्च नचैइया, कनिहा ला मटकाबो
उड़े गुलाल केसर मोर भैया, तारा चिखला मताबो
चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो

5 टिप्पणियाँ:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

रामनवमी की हार्दिक शुभकामनाये !

राज भाटिय़ा ने कहा…

आप सभी को रामनवमी पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं।

Dr Satyajit Sahu ने कहा…

jai siyaram

PADMSINGH ने कहा…

चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो
जनम लिए जिंहा राम रमैइया,
सुग्घर दर्शन पाबो,चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो
... सुन्दर प्रस्तुति
खोजने पर भी लोक गीत और लोक भजन नहीं मिलते हैं आजकल .... पढ़ कर सुखद अनुभूति हुई बधाई

PADMSINGH ने कहा…

चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो
जनम लिए जिंहा राम रमैइया,
सुग्घर दर्शन पाबो,चलो जाबो रे अवधपुरी मा चल जाबो
... सुन्दर प्रस्तुति
खोजने पर भी लोक गीत और लोक भजन नहीं मिलते हैं आजकल .... पढ़ कर सुखद अनुभूति हुई बधाई