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कविता कहाँ से आएगी?


कविता
बहुत कठिन है
समोसे खाने से नहीं आती
पहले यूँ ही आ जाती थी
टहलते टहलते कभी भी
कागज न हो चादर पर
लिख लेता चंद लाईने,
कभी तकिए के खोल पर
वो अब मुझसे रुठ गयी
देखकर भी नहीं बोलती
बोलकर भी नहीं देखती
राजा नल के आने पर
बाल्टी लेकर दौड़ता हूँ
बिजलीरानी जाने पर
पैरों से पंखा झलता हूँ
हाथों से मच्छर मारता हूँ
नींद नहीं आती मुई
इस भीषण गर्मी में
कविता कहाँ से आएगी?

शिल्पकार

Comments :

11 टिप्पणियाँ to “कविता कहाँ से आएगी?”
Archana ने कहा…
on 

हम नहीं जानते
कोई बहाना नहीं मानते
समोसा खिलाओ या आलू मटर
चाहे करो कविता से चटर -पटर
जहाँ भी है उसे वहाँ से लाना होगा
राजा नल या बिजली रानी
जिसे ले जाना हो ले जाकर
कविता को मनाना होगा
कागज पर लिखो या चादर पर
हमें तो हमेशा दिखाना होगा
आपके लिये न सही
कविता को हमारे लिये तो आना ही होगा ...

संगीता पुरी ने कहा…
on 

सुमित्रा नंदन ने लिखा था ..
'वियोगी होगा पहला कवि, आह से उपजा होगा गान। निकलकर आँखों से चुपचाप, बही होगी कविता अनजान..।'
थोडी और दि‍क्‍कत होगी पानी की .. थोडे और मच्‍छर काटेंगे .. थोडी और बिजली जाएगी .. नींद और कम आएगी .. तभी कविता बनेगी !!

संध्या शर्मा ने कहा…
on 

समोसे की मिर्च
गर्मी बढ़ाएगी
आने वाली नींद भी
लौट जाएगी
बाल्टी लेकर दौड़ो
या पैरो से पंखा झलो
रूठी है मनाना होगा
कोई आये न आये
कविता को आना होगा

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…
on 

और सब आते-जाते रहें कविता आयेगी ही !
(टेनीसन की Men may come & men may go की तर्ज़ पर )

दर्शन कौर धनोय ने कहा…
on 

मच्छर मारते रहो कभी तो आएगी ....मुई ..जाएगी कहाँ ...

यशवन्त माथुर (Yashwant Mathur) ने कहा…
on 

कल 25/06/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी http://nayi-purani-halchal.blogspot.in (दीप्ति शर्मा जी की प्रस्तुति में) पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
धन्यवाद!

expression ने कहा…
on 

अब तो आया मानसून...............
अब तो आएगी कविता????????????

:-)

अनु

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…
on 

आयेगी आयेगी....:))

कविता ले कर आ रही है.
बरखा रानी गा रही है.

सादर.

Reena Maurya ने कहा…
on 

कोमल भाव लिए सुन्दर रचना..
:-)

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…
on 

ऐसे भी आ जाती है कभी-कभी!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…
on 


इस भीषण गर्मी में
कविता कहाँ से आएगी?

प्रभो ! अब तो सर्दी आ गई ...
अब तो आई ही होगी ?

ललित जी !
प्रतीक्षा है सारे हिंदी ब्लॉगजगत को आपकी नई कविता की …
:)
प्रकट हो जाइए नई रचना के साथ


वैसे भी नई पोस्ट बदले हुए बहुत समय हो गया है …
आशा है सपरिवार स्वस्थ सानंद हैं ...


शुभकामनाओं सहित…

 

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