शिल्पकार. Blogger द्वारा संचालित.

चेतावनी

इस ब्लॉग के सारे लेखों पर अधिकार सुरक्षित हैं इस ब्लॉग की सामग्री की किसी भी अन्य ब्लॉग, समाचार पत्र, वेबसाईट पर प्रकाशित एवं प्रचारित करते वक्त लेखक का नाम एवं लिंक देना जरुरी हैं.
रफ़्तार
स्वागत है आपका

गुगल बाबा

इंडी ब्लागर

 

मेरी एक कविता भी आज गायब हो गयी है!!!!!!!!!

लिखा था
एक दर्द भरा अफसाना
दी थी मैंने 
एक श्रद्धांजलि
उनको
जिन्हें पता ही नही था
कब काल ने आकर
चुपके से गलबैहियाँ डाल दी
चारों ओर हा हा कार
मचा हुआ था
दौड़ रहे थे लोग 
पागल होकर
रोते बिलखते
अपने परिजनों को 
लाशों में ढूंढ़ते हुए
आसमान में मंडराते हुए 
गिद्ध, चील, कौवे 
भी चीत्कार रहे थे 
मौत का भीषण तांडव
हो रहा था 
जिस देखकर 
यमदूत भी भाग खड़े हुए थे
कैसे गिने इतनी लाशें? 

उस दिन लिखी
मेरी एक कविता भी
आज गायब हो गयी है
शायद मुंह छुपा रही है 
आज सामने आने से 
सरकार की तरह
क्योंकि उसे उत्तर देना है
इन हत्याओं का अपराधी 
एंडरसन कैसे भाग गया?
कैसे भाग गया?


आपका
शिल्पकार


Comments :

14 टिप्पणियाँ to “मेरी एक कविता भी आज गायब हो गयी है!!!!!!!!!”
विवेक रस्तोगी ने कहा…
on 

एंडरसन कैसे भाग गया ?

बड़ा यक्ष प्रश्न है केवल सरकार के सामने ही नहीं हमारे समाज के सामने भी, जिन्होंने सरकार चुनी है।

Khushdeep Sehgal ने कहा…
on 

सीने में जलन, आंखों में तूफ़ान सा क्यो है,
इस शहर में हर शख्स परेशान सा क्यों है...

जय हिंद...

डॉ. महफूज़ अली (Dr. Mahfooz Ali) ने कहा…
on 

एंडरसन कैसे भाग गया ? बड़ा यक्ष प्रश्न है?

राजीव तनेजा ने कहा…
on 

भोपाल त्रासदी और सरकारी रवैया...अब क्या कहें?

Unknown ने कहा…
on 

एक तो जाने लाल बुझक्कड़ दूसर जाने ना कोय।
नेता-अफसर की जेबें भर कर एंडरसन भागे होय॥

पी.सी.गोदियाल "परचेत" ने कहा…
on 

उस दिन लिखी

मेरी एक कविता भी

आज गायब हो गयी है

शायद मुंह छुपा रही है

आज सामने आने से

सरकार की तरह

क्योंकि उसे उत्तर देना है

इन हत्याओं का अपराधी

एंडरसन कैसे भाग गया?

कैसे भाग गया?

बेहद भाव पूर्ण शर्दान्जली आपने गैस पीडितो को दी, ललित जी !

निर्मला कपिला ने कहा…
on 

उस दिन लिखी
मेरी एक कविता भी
आज गायब हो गयी है
शायद मुंह छुपा रही है
आज सामने आने से
सरकार की तरह
क्योंकि उसे उत्तर देना है
इन हत्याओं का अपराधी
एंडरसन कैसे भाग गया
सटीक अभिव्यक्ति गैस पीडितों को हमारी भी विनम्र श्रद्धाँजली

शरद कोकास ने कहा…
on 

बहुत खून जलाना पडता है ललित भैया तब एक कविता निकलती है 25 साल पहले लिखी आपकी कविता के गुम हो जाने की व्यथा तो मै कल से सुन रहा हूँ .. । कोई बात नहीं .. फिर नई कविता बन जायेगी ..इस पर न सही तो आनेवाली किसी अन्य त्राज़दी पर .. कविता लिखने से उस पापी एंडरसन का क्या बिगड़ने वाला है । वह फिर फिर हत्या करेगा ।

राज भाटिय़ा ने कहा…
on 

एंडरसन कैसे भाग गया ?
आप के इस सवाल मै बहुत से सवाल छिपे है, बस खुन जलता है, हम अपने ही देश मै यतीमो की तरह है..... हम हिन्दू मुस्लिम आपस मै लड रहे है, या हमे कोई लडवा रहा है ओर हमारे सर पर असल मै राज किस का है? जिस दिन यह बात हम नासमझो को समझ आ जाये गी उस दिन यह एंडरसन कैसे भाग गया ? का जबाब भी मिल जायेगा

विनोद कुमार पांडेय ने कहा…
on 

कौन करे किसकी फिकर, दुनिया है अपने में मस्त,

सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा…
on 

एंडरसन कैसे भाग गया
ई एन डी याने होता है एंड याने खात्मा
डर का खात्मा उस एंडरसन में डर का खात्मा हो
चुका है. उसकी आत्मा मर चुकी है, पर अब
सरकार के भरोसे भी क्या रहना सरका आर
याने सरका यार (हटा) बात गयी रात गयी
तब? हम जनता जनार्दनो की ही जिम्मेदारी
बनती है की ना कर तू सरकार की दरकार
सब हो जाएँ एक जुट और कर डालें कुछ उनके
लिए जो पीड़ित हैं तन/मन/धन/ से, जैसा बन पड़े सहयोग आपकी कविता पढ़कर यह टिपण्णी करने का बन गया योग

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…
on 

वाह शर्मा जी, गजब की व्यंग्यबोध रचना लिखते रहिये.. साधुवाद...

GK Khoj ने कहा…
on 

GST in Hindi
Budget in Hindi
IMPS in Hindi
Nifty in Hindi
IFSC in Hindi
PAN Card in Hindi
Mutual Fund in Hindi
KYC in Hindi
Commercial Bank in Hindi
Central Bank in Hindi

GK Khoj ने कहा…
on 

MLM Network Marketing in Hindi
EMI in Hindi
RFID in Hindi
Solar Cooker in Hindi
Energy in Hindi
Air Conditioner in Hindi
Non Metals in Hindi
Metals in Hindi

 

लोकप्रिय पोस्ट

पोस्ट गणना

FeedBurner FeedCount

यहाँ भी हैं

ईंडी ब्लागर

लेबल

शिल्पकार (94) कविता (65) ललित शर्मा (56) गीत (8) होली (7) -ललित शर्मा (5) अभनपुर (5) ग़ज़ल (4) माँ (4) रामेश्वर शर्मा (4) गजल (3) गर्भपात (2) जंवारा (2) जसगीत (2) ठाकुर जगमोहन सिंह (2) पवन दीवान (2) मुखौटा (2) विश्वकर्मा (2) सुबह (2) हंसा (2) अपने (1) अभी (1) अम्बर का आशीष (1) अरुण राय (1) आँचल (1) आत्मा (1) इंतजार (1) इतिहास (1) इलाज (1) ओ महाकाल (1) कठपुतली (1) कातिल (1) कार्ड (1) काला (1) किसान (1) कुंडलियाँ (1) कुत्ता (1) कफ़न (1) खुश (1) खून (1) गिरीश पंकज (1) गुलाब (1) चंदा (1) चाँद (1) चिडिया (1) चित्र (1) चिमनियों (1) चौराहे (1) छत्तीसगढ़ (1) छाले (1) जंगल (1) जगत (1) जन्मदिन (1) डोली (1) ताऊ शेखावाटी (1) दरबानी (1) दर्द (1) दीपक (1) धरती. (1) नरक चौदस (1) नरेश (1) नागिन (1) निर्माता (1) पतझड़ (1) परदेशी (1) पराकाष्ठा (1) पानी (1) पैगाम (1) प्रणय (1) प्रहरी (1) प्रियतम (1) फाग (1) बटेऊ (1) बाबुल (1) भजन (1) भाषण (1) भूखे (1) भेडिया (1) मन (1) महल (1) महाविनाश (1) माणिक (1) मातृशक्ति (1) माया (1) मीत (1) मुक्तक (1) मृत्यु (1) योगेन्द्र मौदगिल (1) रविकुमार (1) राजस्थानी (1) रातरानी (1) रिंद (1) रोटियां (1) लूट (1) लोकशाही (1) वाणी (1) शहरी (1) शहरीपन (1) शिल्पकार 100 पोस्ट (1) सजना (1) सजनी (1) सज्जनाष्टक (1) सपना (1) सफेदपोश (1) सरगम (1) सागर (1) साजन (1) सावन (1) सोरठा (1) स्वराज करुण (1) स्वाति (1) हरियाली (1) हल (1) हवेली (1) हुक्का (1)
hit counter for blogger
www.hamarivani.com