पत्थर ढोना ही मेरी किस्मत में लिखा था
पहाड़ तोड़ना ही मेरी किस्मत में लिखा था
पत्थरों को तराश कर उसके बुत बनाये मेने
भूखे पेट मरना ही मेरी किस्मत में लिखा था
बहुत कोडे बरसाए थे उसने मेरी पीठ पर
जख्मो का दर्द ही मेरी किस्मत में लिखा था
पहाडों को तोड़ कर उनके लिए महल बनाये हैं मैंने
दीवारों में चुना जाना मेरी किस्मत में लिखा था
शाहकार बनने पर वे कटवा देंगे मेरे दोनों हाथ
उनका येही इनाम मेरी किस्मत में लिखा था
आपका
शिल्पकार
(फोटो गूगल से साभार)
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पत्थर तोड़ना ही मेरी किस्मत में लिखा था
आचार्य ललित मुनि, शनिवार, 22 अगस्त 2009
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