जीते जी कुछ करो तो बात बने।
कोई महफ़िल सजाओ तो बात बने।।
तुम्हारी महफ़िल में आना चाहते हैं।
कोई नगमा सुनाओ तो बात बने॥
कोई महफ़िल सजाओ तो बात बने।।
तुम्हारी महफ़िल में आना चाहते हैं।
कोई नगमा सुनाओ तो बात बने॥
कतरा समंदर भी असर रखता है।
प्यास मन की बुझाओ तो बात बने॥
गर्म हवाओं से झुलसा है मन मेरा।
हवा प्यार की बहाओ तो बात बने।।
मचलता रहा यह दिल तुम्हारे लिए।
आकर सीने से लगाओ तो बात बने॥
तनहा खड़ा जिन्दगी के चौराहे पर ।
बस साथ मेरा निभाओ तो बात बने॥

