शिल्पकार. Blogger द्वारा संचालित.

चेतावनी

इस ब्लॉग के सारे लेखों पर अधिकार सुरक्षित हैं इस ब्लॉग की सामग्री की किसी भी अन्य ब्लॉग, समाचार पत्र, वेबसाईट पर प्रकाशित एवं प्रचारित करते वक्त लेखक का नाम एवं लिंक देना जरुरी हैं.
रफ़्तार
स्वागत है आपका

गुगल बाबा

इंडी ब्लागर

 

देगें ईंट का जवाब उनको गोलों से-------ललित शर्मा

काल के कपाल पर नित प्रहार करेंगे,
हम  सिपाही है दुश्मन से नही डरेंगे ।

देगें ईंट का जवाब उनको गोलों से,
हम बर्फ़ के नहीं है जो आग से डरेंगे।

जिनकी पीढियाँ करते आई युद्ध यहां,
हमेशा कफ़न बांध कर वो ही लड़ेगें ।

युद्ध का मैदान सजा छोड़ रहा अर्जुन,
सोचता था मेरे अपने ही यहाँ मरेंगे।

समझाया कृष्ण ने सुन ले मेरी पार्थ,
तुम नही लड़ोगे तो अपने आप मरेंगे।

"शिल्पकार"रण छोड़ जाएगा न कभी,
दुश्मन की छाती पर हम मुंग दलेगें।


आपका
शिल्पकार


Comments :

20 टिप्पणियाँ to “देगें ईंट का जवाब उनको गोलों से-------ललित शर्मा”
कडुवासच ने कहा…
on 

...मारो मारो ...!!!

कडुवासच ने कहा…
on 

...पकडो उसको भाग न पाये ...!!!

कडुवासच ने कहा…
on 

... कौन है ये जो अकड रहा है ...!!!

कडुवासच ने कहा…
on 

... बेमतलब का भिड रहा है ..!!!

कडुवासच ने कहा…
on 

...दे दो एक पटकनी उसको ...!!!

Unknown ने कहा…
on 

थोड़ी सा बचा लेना गुरू, दाल के भाव आसमाँ छू रहें हैं\ शायद इसलिए दाम बढ़ गए।

honesty project democracy ने कहा…
on 

बिलकुल सहमत / सत्य और न्याय के तरफ जो देखेगा बुरी नजर से ,उसे कर देंगे पस्त हम अपनी एकजुटता की ताकत से /

सूर्यकान्त गुप्ता ने कहा…
on 

"दुश्मन की छाती पर हम मून्ग दलेन्गे" घर के लोग ही दुश्मन बने हैं ! बढिया।

M VERMA ने कहा…
on 

समझाया कृष्ण ने सुन ले मेरी पार्थ,
तुम नही लड़ोगे तो अपने आप मरेंगे।
जो अपने आप मरेंगे उन्हें मारना ही क्या!!
सुन्दर रचना

kunwarji's ने कहा…
on 

aaj to khatarnaak mood hai bhai....

kunwar ji,

Amrendra Nath Tripathi ने कहा…
on 

"शिल्पकार"रण छोड़ जाएगा न कभी,
दुश्मन की छाती पर हम मुंग दलेगें।
-------- '' nar aap hee hai shatru apnaa , aap hee hai mitra bhee ! ''
....... sundar kavita ! aabhaar !

Yashwant Mehta "Yash" ने कहा…
on 

अपने ब्लाग पर लैंड माईंस लगा रखी हैं
इससे कहते हैं धांसू कविता.......एक बार गा के सुना दो तो दुश्मन की हवा निकल जाये

बसंती ने कहा…
on 

ज्ञानदतक नपुंसकों को क्या मालूम कि उनक ेचहेते पिछ्ले कितने दिनों से उड़नतश्तरी पर आक्रमण जारी रखे हुए थे?बात यही थी कि उड़नतश्तरई से हिन्दी सेवा की अपील होती थी और मानसिक हलचल पर अंग्रेजी के बिगडाऊ शब्द लिखे जाते थे जो गंगा किनारे वाले छोरे को अपने हीरे लगते थे।इसके अलावा किसी महिला ब्लोगर द्वारा उडनतश्तरी को 'सो क्यूट' कहा जाना इतना नागवार गुजरा कि खुन्नस उतर ही नहीं रही।कोई भी मर्द का बच्चा जाकर पिछले तीन महीने की पोस्ट और इधर उधर की गई कमेट देख ले।फिर तरप्फदारी करे गंगा किनारे जा करगर नहीं हिम्मत है तीन महीने की खबर लेने की तो जा कर जननी की गोद में आराम करे।

Udan Tashtari ने कहा…
on 

बहुत सटीक रचना!!

भूतनी ने कहा…
on 

कूप कृष्ण says right

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…
on 

बहुत बढ़िया..

देगें ईंट का जवाब उनको गोलों से,
हम बर्फ़ के नहीं है जो आग से डरेंगे।

जोश दिलाती रचना..

Unknown ने कहा…
on 

saath me ye gana bhi gao
TUJHE BLOGAR KINNE BANAYA BHOOTNI KE.....

36solutions ने कहा…
on 

सामयिक संदर्भों पर जले में नमक डालने वाली कविता. वैचारिक प्रतिबद्धता सिद्ध करने वाली कविता, दोनों पक्षों की ओर से गाई जा सकने वाली कोरस कविता.

समयचक्र ने कहा…
on 

दिल की बात छीन ली बाबा अब यही करेंगे,,....

drsatyajitsahu.blogspot.in ने कहा…
on 

मज़ा आ गया

 

लोकप्रिय पोस्ट

पोस्ट गणना

FeedBurner FeedCount

यहाँ भी हैं

ईंडी ब्लागर

लेबल

शिल्पकार (94) कविता (65) ललित शर्मा (56) गीत (8) होली (7) -ललित शर्मा (5) अभनपुर (5) ग़ज़ल (4) माँ (4) रामेश्वर शर्मा (4) गजल (3) गर्भपात (2) जंवारा (2) जसगीत (2) ठाकुर जगमोहन सिंह (2) पवन दीवान (2) मुखौटा (2) विश्वकर्मा (2) सुबह (2) हंसा (2) अपने (1) अभी (1) अम्बर का आशीष (1) अरुण राय (1) आँचल (1) आत्मा (1) इंतजार (1) इतिहास (1) इलाज (1) ओ महाकाल (1) कठपुतली (1) कातिल (1) कार्ड (1) काला (1) किसान (1) कुंडलियाँ (1) कुत्ता (1) कफ़न (1) खुश (1) खून (1) गिरीश पंकज (1) गुलाब (1) चंदा (1) चाँद (1) चिडिया (1) चित्र (1) चिमनियों (1) चौराहे (1) छत्तीसगढ़ (1) छाले (1) जंगल (1) जगत (1) जन्मदिन (1) डोली (1) ताऊ शेखावाटी (1) दरबानी (1) दर्द (1) दीपक (1) धरती. (1) नरक चौदस (1) नरेश (1) नागिन (1) निर्माता (1) पतझड़ (1) परदेशी (1) पराकाष्ठा (1) पानी (1) पैगाम (1) प्रणय (1) प्रहरी (1) प्रियतम (1) फाग (1) बटेऊ (1) बाबुल (1) भजन (1) भाषण (1) भूखे (1) भेडिया (1) मन (1) महल (1) महाविनाश (1) माणिक (1) मातृशक्ति (1) माया (1) मीत (1) मुक्तक (1) मृत्यु (1) योगेन्द्र मौदगिल (1) रविकुमार (1) राजस्थानी (1) रातरानी (1) रिंद (1) रोटियां (1) लूट (1) लोकशाही (1) वाणी (1) शहरी (1) शहरीपन (1) शिल्पकार 100 पोस्ट (1) सजना (1) सजनी (1) सज्जनाष्टक (1) सपना (1) सफेदपोश (1) सरगम (1) सागर (1) साजन (1) सावन (1) सोरठा (1) स्वराज करुण (1) स्वाति (1) हरियाली (1) हल (1) हवेली (1) हुक्का (1)
hit counter for blogger
www.hamarivani.com